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उत्तराखंड में पेपर लीक मामलों पर सख्ती, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फास्ट-ट्रैक अदालतों के फैसले का किया स्वागत
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस फैसले से पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिलने से परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा छात्रों का भरोसा मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा था कि युवाओं के भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फैसला विद्यार्थियों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है। सीपीआई (एम) नेता बृजपति बाबू राय ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं को दूर करने में विफल रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।