4 माह की मासूम से दुष्कर्म: अदालत का ऐतिहासिक फैसला, दोषी को शेष प्राकृतिक जीवन तक कठोर कारावास
जोधपुर में 4 माह की बच्ची से दरिंदगी पर विशेष पॉक्सो न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला. आरोपी को शेष प्राकृतिक जीवन तक कठोर कारावास, 1 लाख जुर्माना. पीड़िता के लिए 15 लाख की FD का आदेश. न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने 66 पृष्ठों के फैसले में गहरी पीड़ा व्यक्त की. उन्होंने लिखा कि यह घटना समाज के लिए बहुत चिंताजनक है. यह अंतर्मन को झकझोर देने वाली है. उन्होंने कविता की ये पंक्तियां फैसले में शामिल कीं. क्या यही है तुम मर्दों की पहचान. अरे शर्म करो तुम मर्द. समझो उस लड़की का दर्द.
जोधपुर में चार महीने की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे समाज को झकझोर दिया है. विशेष पॉक्सो न्यायालय ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया. उसे शेष प्राकृतिक जीवन तक कठोर कारावास की सजा दी. एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
इस दौरान न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त भावुक हो गए. उन्होंने फैसले में कवयित्री हीना जैन की कविता की पंक्तियां पढ़ी- क्या यही है तुम मर्दों की पहचान? न्यायाधीश ने इसे अत्यंत घृणित मामला बताया है. कहा इसे तो पशुता की भी संज्ञा नहीं दे सकते. पीड़िता के भविष्य की चिंता करते हुए अदालत ने 15 लाख रुपये की एफडी जमा कराने का आदेश दिया. इस एफडी का मासिक ब्याज पीड़िता की मां को पालन पोषण के लिए मिलेगा. यह फैसला न्याय की जीत है. साथ ही मासूमों की सुरक्षा का संदेश भी है.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 14 मार्च 2025 की है. माता-पिता फैक्ट्री में मजदूरी पर गए थे. 4 माह की बालिका कमरे में अकेली थी. अकेला देखते हुए आरोपी कमरे में घुस जाता है और युवती के साथ दुष्कर्म किया. आरोपी को लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया था. मामले में बच्ची के पिता पुलिस में रिपोर्ट लिखवाते हैं जिसके बाद पुलिस तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है. मामला न्यायालय के समक्ष था. नरपत चौधरी विशिष्ट लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत में 23 गवाह पेश किए गए. 53 दस्तावेज भी पेश हुए. पूरी जांच के बाद अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास सुनाया. यह सजा उसके पूरे जीवन के लिए है.