विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी एक विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी। मंत्रालय ने बताया कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को विदेश यात्रा की अनुमति देने और विदेशों में उनकी पहचान स्थापित करने के लिए जारी किया जाता है। हालांकि, इसे नागरिकता साबित करने वाले अंतिम दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अब सिर्फ 5 कार्य दिवस में बन रहा पासपोर्ट सरकार ने बताया कि पासपोर्ट सेवाओं में बड़े सुधार किए गए हैं। कई मामलों में अब सिर्फ पांच कार्य दिवस के भीतर पासपोर्ट जारी किया जा रहा है। वहीं, पासपोर्ट सेवा केंद्र पर आवेदकों को औसतन 45 मिनट से भी कम समय बिताना पड़ रहा है। पूरे देश में शुरू हुआ चिप वाला ई-पासपोर्ट विदेश मंत्रालय ने बताया कि मई 2025 से पूरे देश में चिप-युक्त ई-पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं। इन पासपोर्ट में सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है, जिसमें धारक की बायोमेट्रिक जानकारी और अन्य सुरक्षा संबंधी डेटा सुरक्षित रहता है। यह ई-पासपोर्ट International Civil Aviation Organisation (ICAO) के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। 545 पासपोर्ट सेवा केंद्र, जल्द खुलेंगे 20 नए केंद्र सरकार के अनुसार, देशभर में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या बढ़कर 545 हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक पासपोर्ट सेवा केंद्र उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में इस वर्ष 20 नए पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले जाएंगे। केवल 10% भारतीयों के पास है पासपोर्ट विदेश मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में भारत की कुल आबादी में से केवल करीब 10 प्रतिशत लोगों के पास ही पासपोर्ट है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक भारतीयों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, रोजगार और व्यापार के अवसर मिलें, इसलिए पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है। विदेश यात्रा और रोजगार के लिए बढ़े अवसर भारत ने अब तक 25 देशों के साथ 27 मोबिलिटी एग्रीमेंट किए हैं। इनमें यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और कई खाड़ी देश शामिल हैं। इन समझौतों का उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, प्रशिक्षुओं, पेशेवरों और व्यापारियों के लिए विदेश यात्रा और रोजगार के अवसरों को आसान बनाना है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को मिल रही बेहतर वीजा सुविधा विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब पहले की तुलना में अधिक देशों में आसान वीजा सुविधाएं मिल रही हैं। 27 देश भारतीय नागरिकों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं। 47 देशों में भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा उपलब्ध है। 66 देश भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ई-वीजा जारी करते हैं। eMigrate 2.0 से आसान हुई विदेश रोजगार प्रक्रिया सरकार ने बताया कि अक्टूबर 2022 में शुरू किए गए eMigrate 2.0 पोर्टल के माध्यम से अब तक लगभग 7 लाख भारतीय कामगारों को विदेश रोजगार के लिए इमिग्रेशन क्लियरेंस मिल चुकी है। इसके अलावा 17 पासपोर्ट कार्यालयों में रैंडमाइज्ड प्रोसेसिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और आवेदन प्रक्रिया पहले से अधिक निष्पक्ष बनी है। विदेश जाने वाले कामगारों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण विदेश जाने वाले भारतीय कामगारों के लिए अब Pre-Departure Orientation Programme भी चलाया जा रहा है। इसमें संबंधित देश की संस्कृति, कानून, कार्यस्थल के नियम और आवश्यक कौशल की जानकारी दी जाती है। खाड़ी देशों में भारतीय महिलाओं के लिए विशेष सहायता केंद्र विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी देशों और सिंगापुर में रहने वाली जरूरतमंद भारतीय महिलाओं के लिए वन-स्टॉप सपोर्ट सेंटर स्थापित किए गए हैं। यहां उन्हें कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाती है। भारत करेगा अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन रिसोर्स मोबिलिटी फोरम की मेजबानी अगले सप्ताह भारत Human Resource Mobility Forum का आयोजन करेगा, जिसमें जर्मनी, इटली, जापान, रूस और डेनमार्क सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मंच का उद्देश्य भारतीय कुशल कामगारों को विश्वसनीय विदेशी नियोक्ताओं से जोड़ना और सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय रोजगार को बढ़ावा देना है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि सरकार का लक्ष्य पासपोर्ट को केवल कुछ लोगों तक सीमित रखने के बजाय अधिक से अधिक भारतीयों के लिए सुलभ बनाना है। Next News :- वायरल वीडियो पूरव झा: इस वीडियो ने हिला दिया है सब को