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Parliament Monsoon Session: हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर स्थगित
संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहा। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहा। विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लगातार हो रहे हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्षी दलों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं, प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति रद्द किए जाने और अन्य मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्टर भी दिखाए।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए उन्हें भगवान राम और राम मंदिर के विरोधी करार दिया।
राज्यसभा में भी हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक को पहले आधे घंटे बाद स्थगित कर दिया गया। इसके बाद दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों का विरोध जारी रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2:15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच भाजपा सांसद और संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाने के मामले में मेटा की ओर से माफी मांगने को भारत के कानून और संविधान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियों को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।
वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा संसद परिसर में दिखाई दिए। हालांकि, दोनों नेताओं ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार जारी गतिरोध के कारण अब तक कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हुए हैं।