वकीलों और बैनामा लेखकों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर प्रदेश सरकार की ई-पंजीकरण स्कीम का विरोध किया। इसके बाद उन्होंने तहसील कार्यालय से मोदी मंदिर तक मेरठ-दिल्ली हाईवे पर पैदल मार्च करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वकीलों और बैनामा लेखकों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा जमीन और मकान के बैनामों के लिए ई-पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने से यह काम निजी कंपनी के हाथों में चला जाएगा और लाखों परिवार भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।