उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और उसका जनहित से कोई लेना-देना नहीं है। बृजेश पाठक ने क्या कहा? उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का ब्राह्मण सम्मेलन से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी समय-समय पर अपनी राजनीतिक रणनीति बदलती रहती है और अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि कभी पार्टी पीडीए की बात करती है तो कभी सवर्णों को अलग श्रेणी में रखती है। उनके अनुसार, यह सब केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जनेश्वर मिश्र की जयंती का भी किया जिक्र बृजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी विचारक जनेश्वर मिश्र की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना सम्मान की बात है, लेकिन इस अवसर को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका ब्राह्मण समाज या किसी विशेष वर्ग से कोई सीधा संबंध नहीं है। अखिलेश यादव ने क्या कहा था? इससे पहले समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में अखिलेश यादव ने कहा था कि पीडीए में 'पी' का मतलब 'पंडित' भी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पीडीए की राजनीति से घबरा गई है और इसी कारण नए-नए राजनीतिक समीकरण तैयार किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव तय है और सभी वर्गों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। सियासी बयानबाजी हुई तेज ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों दल अलग-अलग सामाजिक समूहों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं।