मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, खेल, न्याय, समाज कल्याण और शहरी विकास विभागों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। 16 मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी राज्य सरकार ने लोक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 16 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन संस्थानों में डेंटल कॉलेज और अस्पताल भी शामिल होंगे। इस परियोजना के लिए पीडब्ल्यूसी (पीडब्ल्यूसी इंडिया) को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की अनुमति दी गई है। सरकार ने इस योजना के लिए 8.27 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की है। 19 विशेष अदालतों का होगा गठन कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 19 अतिरिक्त विशेष अदालतों के गठन को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, पूर्णिया, भागलपुर और गया में एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की स्थापना का भी फैसला लिया गया है। हेली-टूरिज्म सेवा योजना को मंजूरी सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पर्यटकों को हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए सरकार हर महीने लगभग 60 लाख रुपये खर्च करेगी। खेल और जलापूर्ति परियोजनाओं पर विशेष ध्यान कैबिनेट ने राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, अमृत 2.0 योजना के तहत जमालपुर और मुंगेर में जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए भी करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले बैठक में पुरातत्व विभाग में संविदा के आधार पर नियुक्तियों, पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (बीआईएसएफ) की स्थापना और 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के लिए धनराशि आवंटित करने जैसे फैसले भी लिए गए। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।