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BCCI Pension Scheme: संन्यास के बाद क्रिकेटरों को कैसे मिलती है पेंशन? जानिए किसे कितनी राशि मिलती है
अजिंक्य रहाणे के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद बीसीसीआई की पेंशन योजना फिर चर्चा में है। जानिए पूर्व क्रिकेटरों को कितनी पेंशन मिलती है और इसके लिए कौन-कौन पात्र होता है।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की पेंशन योजना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले हैं और बीसीसीआई के नियमों के अनुसार वह सबसे ऊंची पेंशन श्रेणी में शामिल होंगे। इसी वजह से क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन कैसे मिलती है और इसके लिए क्या नियम तय किए गए हैं।
बीसीसीआई ने वर्ष 2004 में अपने पूर्व खिलाड़ियों और अधिकारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की थी। शुरुआत में करीब 174 खिलाड़ियों और अधिकारियों को हर महीने 5,000 रुपये की पेंशन दी जाती थी। समय के साथ योजना का दायरा बढ़ाया गया और वर्ष 2022 में इसमें बड़े बदलाव किए गए। वर्तमान व्यवस्था के तहत 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व क्रिकेटरों को 70,000 रुपये प्रति माह, 25 से कम टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 60,000 रुपये प्रति माह और पूर्व महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को 52,500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है।
यह योजना केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों तक सीमित नहीं है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक योगदान देने वाले प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों को भी इसका लाभ मिलता है। वर्ष 2003 से पहले संन्यास लेने वाले पात्र खिलाड़ियों को 45,000 रुपये प्रति माह, जबकि अन्य योग्य खिलाड़ियों को 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। इसके अलावा, कम से कम 10 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये तक की मेडिकल सहायता भी प्रदान की जाती है।
बीसीसीआई की इस योजना का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि उनके परिवारों को भी वित्तीय सुरक्षा देना है। किसी खिलाड़ी के निधन के बाद उसकी पत्नी को भी आर्थिक सहायता देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि, यदि कोई खिलाड़ी दोबारा पेशेवर क्रिकेट खेलने लगता है या बीसीसीआई अथवा किसी राज्य क्रिकेट संघ में वेतनभोगी पद स्वीकार कर लेता है, तो उसकी पेंशन अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
अजिंक्य रहाणे के संन्यास के बाद एक बार फिर यह योजना चर्चा का विषय बन गई है। रहाणे ने अपने शानदार करियर के दौरान भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और अब संन्यास के बाद वह बीसीसीआई की इस विशेष पेंशन योजना के तहत आर्थिक लाभ प्राप्त करेंगे। बीसीसीआई की यह पहल दुनिया के उन चुनिंदा क्रिकेट बोर्डों में शामिल है, जो अपने पूर्व खिलाड़ियों के लिए इस तरह की व्यापक सामाजिक सुरक्षा योजना संचालित करते हैं।